छत्तीसगढ़

सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते श्रमिक का हाथ टूटा, कंपनी प्रबंधन पर केस दर्ज

Shantanu Roy
20 Aug 2025 10:51 PM IST
सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते श्रमिक का हाथ टूटा, कंपनी प्रबंधन पर केस दर्ज
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Raipur. रायपुर। उरला स्थित गिरीराज कंपनी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां ठेकेदार और कंपनी प्रबंधन की लापरवाही के कारण एक श्रमिक का हाथ उस समय टूट गया, जब वह लोहा कटिंग का काम कर रहा था। पीड़ित ने ठेकेदार और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला
यह घटना 7 अगस्त 2025 को हुई। कवर्धा जिले के चिल्फीघाटी का निवासी एक श्रमिक, जो ठेकेदार चंटी मिश्रा के अधीन काम करता था, को रायपुर इस्पात कंपनी से गिरीराज कंपनी, उरला में काम करने के लिए लाया गया था। पीड़ित को उस स्थान पर काम पर लगाया गया जहां लोहे की कटिंग होती है। घटना के दिन, सुबह लगभग 11:00 बजे, जब वह लोहे की कटिंग का काम कर रहा था, तभी लोहे का एक टुकड़ा उछलकर उसके बाएं हाथ पर जा लगा। इस हादसे में उसके हाथ की हड्डी टूट गई।

लापरवाही के गंभीर आरोप
पीड़ित ने अपनी शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा है कि इस दुर्घटना का कारण ठेकेदार चंटी मिश्रा और कंपनी प्रबंधन की लापरवाही है। उनका आरोप है कि काम करने वाली जगह पर सुरक्षा के कोई उचित इंतजाम नहीं किए गए थे। मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण या सावधानी के खतरनाक काम में लगाया गया था। पीड़ित ने इस उपेक्षापूर्ण कार्य के लिए ठेकेदार और प्रबंधक को जिम्मेदार ठहराया है।

कानूनी कार्रवाई की मांग
हादसे के बाद, पीड़ित ने तुरंत अपने बड़े भाई रामसिंग ध्रुर्वे को घटना की जानकारी दी। अब वह इस मामले में ठेकेदार चंटी मिश्रा और कंपनी प्रबंधक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चाहता है। उसने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि उसकी शिकायत उसके बताए अनुसार ही लिखी गई है। यह घटना औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। अक्सर देखा जाता है कि ठेकेदार और कंपनियां मजदूरों की सुरक्षा की अनदेखी कर सिर्फ काम पूरा करने पर ध्यान देते हैं, जिसके कारण इस तरह के हादसे होते रहते हैं। अब पुलिस इस मामले में शिकायत दर्ज कर आगे की जांच करेगी। यह देखना होगा कि ठेकेदार और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है और क्या इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कोई सख्त कदम उठाए जाते हैं। यह मामला न केवल पीड़ित के लिए न्याय की लड़ाई है, बल्कि अन्य श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
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